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Starting of Pooja

पूजा प्रारम्भ

मंगलं भगवान वीरो, मंगलं गौतमो राणी।
मंगलं कुन्द – कुन्दाद्यो जैन धर्मोस्तु मंगलं।।

यह मंत्र पढ़कर पूजन में बैठे हुए सभी सज्जनों का तिलक करें।
मंत्र – ॐ नमो अर्हते रक्ष-रक्ष फट् स्वाहा।

यह मंत्र पढ़कर सभी के दाहिने हाथ में मंगली बांध दें। निम्न मंत्र पढ़कर सभी लोग अपने ऊपर थोड़ा सा जल छिड़क लें।

मंत्र – ॐ ह्नीं अमृते अमृतोद्धवे अमृत वर्षाणि, अमृंतं स्रावय-स्रावय संसं क्लीं ब्लू ब्लू द्रां द्रां द्रीं द्रीं द्रावय हं सं इवीं हं सः स्वाहा।
(इसके बाद मंगलाष्टक पढ़ते हुए पुष्प छिड़कते जाये)

अर्हन्तो भगवन्त इन्द्र महिताः सिद्धाक्ष्च सिद्धिक्ष्वराः, आचार्या जिन शासनोन्नतिकरा पूज्या उपाध्यायका
श्री सिद्धांत सुपाठकाः मुरिक्ष्वराः रत्नत्रयाराधः।
पंचैते परमेष्ठिनः प्रतिदिनं कुर्वन्तु नः मंगलम्।

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